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Tuesday, December 24, 2019

रघुवर का अहंकार भाजपा का बना ‘काल’

  • हेमंत सोरेन की दोनों सीटों पर मोदी की चुनावी सभा में उठायेे गये राष्ट्रीय और क्षेत्रीय मुद्दों को जनता ने खारिज कर दिया
इनसाइट ऑनलाइन से रोशी की रिपोर्ट
झारखंड विधानसभा चुनाव 2019 में मतदाताओं को भाजपा के पक्ष में करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह सहित अन्य बड़े नेताओं ने कोई कसर नहीं छोड़ी। इस विधानसभा चुनाव में भाजपा ने रघुवर दास को अपना चेहरा घोषित किया था वहीं झामुमो, कांग्रेस और राजद गठबंधन ने युवा नेता हेमंत सोरेन को अपना चेहरा घोषित किया था।

भाजपा ने जब रघुवर दास को चेहरा घोषित कर दिया फिर भी उस चेहरे पर विश्वास न करते हुए भारी संख्या में भाजपा ने राष्ट्रीय नेताओं को धुंआधार चुनाव प्रचार में उतारा। इनसाईट आॅनलाईन न्यूज ने झारखंड विधानसभा चुनाव 2019 भाग-15 में लिखा था कि संताल परगना की 16 सीटों पर भी बजेगा गठबंधन का डंका! और इसके आगे तक लिखा था कि दावे-प्रतिदावे के बीच यह विश्लेषण छण कर आ रहा है कि हेमंत सोरेन बरहेट और दुमका से अवश्य जीत का परचम लहरायेंगे और यही हुआ। इसमें आगे लिखा था कि यदि अगर दोनों स्थान से झामुमो के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन चुनाव जीतते हैं तो प्रधानमंत्री मोदी की किरकिरी हो जायेगी।
  • प्रधानमंत्री मोदी की किरकिरी
झारखंड विधानसभा चुनाव 2019 के इनसाईट ऑनलाइन न्यूज के आकलन भाग-14 में हमने लिखा था कि दो दिन के अंतराल में प्रधानमंत्री मोदी ने हेमंत सोरेन जो दो सीटों पर लड़ रहे थे उनको सफलता ना मिले इसके लिए चुनावी सभा की।
हेमंत सोरेन के जनप्रभाव से काफी सहमे हुए रघुवर दास ने प्रधानमंत्री मोदी को उनकी दोनों सीटों पर उतार कर सिर्फ भाजपा की ही नहीं मोदी की भी प्रतिष्ठा को गिराने का काम किया। इन दोनों सीटों से हेमंत सोरेन को विजय हासिल हुई और चुनावी सभाओं में राष्ट्रीय और क्षेत्रिय मुद्दों पर मोदी की दलिल जनता ने खारिज कर दी। यह भाजपा के लिए बहुत शर्मनाक मंजर है। इसमें गहरे चिंतन की जरूरत है कि भाजपा की लगातार गिरती साख की क्या उनकी जनविरोधी राष्ट्रीय एवं क्षेत्रिय नीतियां ही वजह हैं।
  • रघुवर दास की सीट
अपनी सीट पर भी रघुवर दास को जब खतरा लगने लगा तो वहां भी मोदी की सभा करा दी और उनकी सीट से भी उन्हीं की पार्टी के करीबी रहें सरयू राय ने उन्हें जोर से पटखनी दे मारी और वह भारी मतों से चुनाव हार गये, अब मोदी को अपने प्यारे रघुवर दास को उनकी किरकिरी कराने के लिए धन्यवाद देना चाहिए! इससे झारखंड में सरकार से बेदखल हुई भाजपा में नई ऊर्जा का संचार होगा और कार्यकर्ता बाग-बाग हो जायेंगे।

23 दिसंबर को घोषित हुए चुनाव नतीजे झारखंड में भाजपा की अप्रत्याशित हार और जेएमएम, कांग्रेस और राजद गठबंधन की जीत के बाद बहुत सी कही-अनकही कहानियां बयां करती हैं। यदि बेवाक विश्लेषण हो तो बहुत से राज खुल जायेेंगे और दुर्गति की ग्राफ लगातार बढ़ता चला जायेगा।

मीडिया एवं प्रबुद्ध नागरिक मानते हैं कि रघुवर दास का अहंकार ही सरकार एवं भाजपा की नैया को डूबो दिया।



Thursday, December 12, 2019

J’khand poll: Voting for 12 seats ends, 57.96% votes cast

Voting ended for 12 of the 17 assembly seats at 3 p.m. in the third phase of the polls with 57.96 percent votes being cast on Thursday.


The voting will end at 5 p.m. for the Ranchi, Hatia, Kanke, Ramgarh, and Barkatha assembly seats.

There are a total of 309 candidates including 32 females whose fate will be decided by 56,06,743 voters including 26,73,991 women and 95 third gender. These 17 seats are spread across Ranchi, Hazaribagh, Chatra, Giridih, Bokaro, Koderma and Saraikela. More than 35000 security personnel have been deployed to ensure peaceful polling.

Jharkhand Governor Draupadi Murmu cast her vote at ATI Ranchi while AJSU president Sudesh Mahtyo cast his vote along with his wife at Silli. Jayant Sinha cast his vote in Hazaribagh.

A newly married couple cast their votes at polling booth number 225 of Hazaribagh. Priyanka was married on Wednesday night and she came with her husband for voting on Thursday morning. Maoist leader Maharaja Parmanik’s parents cast their votes at Ichagarh.

In the third phase, the key candidates are three ministers — CP Singh, Ramchandra Sahis and Neera Yadav, Former Chief Minister Babulal Marandi and former Deputy Chief Minister and All Jharkhand Students Union (AJSU) president Sudesh Mahto.

Of the 17 seats, BJP, JMM, and Congress had won 10, three and two seats respectively in the 2014 Assembly elections.

There is a direct fight between the BJP, Congress and JMM candidates on seven seats. For the Silli seat, the fight is between AJSU president Sudesh Mahto and JMM sitting legislator Seema Devi. There is a triangular fight on six seats. For some seats, the fight is four-cornered or multi-cornered.

Prime Minister Narendra Modi and Jharkhand Chief Minister Raghubar Das have appealed to the voters to cast their votes.



Tuesday, December 10, 2019

Citizenship Bill introduced in LS amid opposition’s objection

The government on Monday introduced the controversial Citizenship (Amendment) Bill, 2019 in the Lok Sabha despite objection raised by the opposition parties calling the move “fundamentally unconstitutional” and “violation” of Article 14 of the Indian constitution and others.



Following over an hour debate on Bill’s legislative competence if it can be taken or not, the lower House allowed it after the division of votes with 293 in its favor and 82 against.

Introducing the Bill, Union Home Minister Amit Shah rejected allegations of opposition members, saying “I assure that the Bill does not violate any Article of the Indian Constitution and that any citizen will not be deprived of their rights”.
“Every citizen has been given place in the Bill on the basis of reasonable classification.”

He said that the Bill seeks to provide Indian nationality to Hindus, Christians, Sikhs, Parsis, Jains and Buddhists fleeing persecution in Pakistan, Afghanistan, and Bangladesh.

The Minister said that the Bill has been introduced after analyzing the constitution of Pakistan, Afghanistan, and Bangladesh.

Referring to the Nehru-Liaquat agreement signed in 1950 after the partition of India and Pakistan, Shah said it was agreed to protect the rights of minorities but only India followed it but Hindus, Christians, Sikhs, Parsis, Jains, and Buddhists faced atrocities in Pakistan, Afghanistan, and Bangladesh.

“The Bill is for those minorities who faced religious persecution in Pakistan, Afghanistan, and Bangladesh.”

The Minister clarified as the Muslim community was not persecuted in the three Islamic countries, the Bill specifically mentions to provide citizenship to six religious persecuted minorities.

“The people of the six minority communities who migrated to India following religious persecution in Pakistan, Bangladesh, and Afghanistan will be given Indian citizenship as per this Bill. They are being given citizenship on the basis of reasonable classification. The Bill does not violate Article 14 of the Indian Constitution.”

But, Shah said, the Bill is not against the Muslim community and that if any Muslim seeks citizenship in India based on rules he will be entertained as per the Article of the Bill.

Major opposition parties, including Congress, Trinamool Congress, Revolutionary Socialist Party, Dravida Munnetra Kazhgam, All India Majlis-e-Ittehad-ul-Muslimeen, and Indian Union Muslim League, opposed the Bill citing various Articles of Indian Constitution.


Friday, November 15, 2019

बिरसा मुंडा जयन्ती एवं झारखण्ड स्थापना दिवस पर चहुंओर गहमा-गहमी

झारखण्ड के क्रांतिकारी सपूत भगवान बिरसा मुण्डा की जयंती एवं झारखण्ड राज्य के 20वें स्थापना दिवस पर आज 15 नवम्बर को पूरे राज्य में गहमागहमी बनी हुई है। राज्य में आम नागरिकों सहित सरकार एवं सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों द्वारा भी विविध आयोजनों के माध्यम से बिरसा मुण्डा को श्रद्धांजलि दी गयी और सम्मान प्रदान किया गया। साथ ही राज्य स्थापना के उपलक्ष्य में विविध सांस्कृतिक, शैक्षणिक और सामाजिक कार्यक्रम आयोजित कर राज्य के विकास की परिकल्पना को सार्थक करने के सवाल पर विचार-विमर्श किए गए।




झारखण्ड के मुख्यमंत्री रघुवर दास ने इस अवसर पर बिरसा मुण्डा के प्रति श्रद्धा अर्पित करते हुए राज्य के विकास के प्रति प्रतिबद्धता व्यक्त की है और समस्त नागरिकों को राज्य गठन के उपलक्ष्य में शुभकामना दी है।
झारखण्ड स्थापना दिवस पर आज यहां मोरहाबादी मैदान में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इससे पूर्व झारखण्ड की राज्यपाल श्रीमती द्रौपदी मुर्मू एवं मुख्यमंत्री रघुवर दास ने बिरसा मुण्डा के समाधि स्थल पर पहुंच कर माल्यार्पण किया। 


मुख्यमंत्री ने धरती आबा को दी श्रद्धांजलि


झारखंड स्थापना दिवस पर मुख्यमंत्री रघुवर दास ने शुक्रवार को कोकर के डिस्टलरी स्थित भगवान बिरसा मुंडा की समाधि स्थल व उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर धरती आबा को नमन किया। मुख्यमंत्री ने राज्य स्थापना दिवस पर झारखंडवासियों को शुभकामनाएं दीं।उन्होंने ट्विटर पर लिखा- झारखंड राज्य स्थापना दिवस की हार्दिक बधाई। अटल जी ने हमें अलग राज्य की सौगात दी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने झारखंड की हर जरूरत का ख्याल रखा। 


आज झारखंड लगातार विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है। आइए पुन: झारखंड के विकास का और संस्कृति तथा परंपरा की रक्षा का संकल्प लें।रांची के सांसद संजय सेठ, डिप्टी मेयर संजीव विजयवर्गीय सहित अन्य भाजपा नेताओं ने भी भगवान बिरसा मुंडा के समाधि स्थल पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।उल्लेखनीय है कि झारखंड स्थापना दिवस के साथ भगवान बिरसा मुंडा की भी आज 144 वीं जयंती है। हालांकि आदर्श आचार संहिता लागू होने के कारण प्रशासनिक स्तर पर कोई विशेष आयोजन नहीं किया जा रहा है।  

राज्यपाल ने भगवान बिरसा को दी श्रद्धांजलि 

झारखंड स्थापना दिवस पर राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार को कोकर के डिस्टलरी स्थित भगवान बिरसा मुंडा की समाधि स्थल एवं उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। राज्यपाल ने धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 144 वीं जयंती और झारखंड स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दी। मौके पर मुख्य सचिव डॉ. डीके तिवारी ने भी धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा को पुष्पांजलि अर्पित की।



Friday, September 13, 2019

Google finally rolling out dark mode for Gmail on Android

Google has started rolling out the dark mode for its Gmail app Android, over a week after the release of Android 10.


The latest version of the Gmail app for Android is said to be available with version 2019.08.18.267044774, which is currently available on Play Store.

To access the Gmail app’s dark mode, Pixel users with Android 10 need to download the latest version of Gmail on their phone. Then, they can go to settings, select the “theme” option, and chose between light, dark and a system default option, CNET reported on Wednesday.

As per the report, the dark option will turn the background of the Gmail app dark gray, along with all the inbox folders and most emails.

US-based search engine giant teased the dark-themed Gmail app along with other new features on the Android website when Android 10 was launched.

To recall, Google first started testing the dark mode on Android earlier this year, when it started rolling it out for a handful of users.



Wednesday, September 11, 2019

जलियांवाला बाग में दंडवत होकर ब्रिटिश बिशप जस्टिन पोर्टल वेल्बे ने मांगी माफी बोले, शर्मिंदा हूं

ब्रिटिश ईसाई धर्मगुरु आर्कबिशप ऑफ कैंटरबरी जस्टिन पोर्टल वेल्बी ने जलियांवाला बाग घटना पर दुख जताया। उन्होंने यहां विजिटर बुक में लिखा कि उन्हें इस घटना पर बेहद शर्मिंदगी महसूस होती है। आर्कबिशप ने इस दौरान प्रार्थना भी की जिसमें उन्होंने परमात्मा से इस घृणित कार्य के लिए माफी मांगी।



अमृतसर पहुंचे। उन्होंने जलियांवाला बाग में स्थित शहीदी लाट पर दंडवत प्रणाम कर शहीदों को नमन किया। उन्होंने इस दौरान कहा कि शहीदों की यह यादगार सदा जीवित रहेगी। यहां होने वाले अपराध के लिए उन्हें खेद है।

एक धार्मिक नेता के रूप में वह इस दुखद घटना पर शोक प्रकट करते हैं। उन्होंने वर्ष 1919 में बैसाखी वाले दिन अंग्रेज हुकूमत के जनरल माइकल ओ डायर के आदेश पर किए गए नरसंहार की घटना पर असंतोष जताया।

नरसंहार में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि देने के बाद जस्टिन वेल्बी ने कहा, ‘मैं ब्रिटिश सरकार के लिए तो कुछ नहीं कह सकता। ना ही मैं सरकार का प्रवक्ता हूं लेकिन मैं ईश्वर के नाम पर बोल सकता हूं। यह पाप और मुक्ति का स्थान है। आपने याद रखा है कि उन्होंने क्या किया और उनकी यादें जिंदा रहेंगी। यहां हुए अपराध और उसके प्रभाव को लेकर मैं बहुत दुखी और शर्मिंदा हूं। धार्मिक नेता होने के चलते मैं इसपर शोक व्यक्त करता हूं।’
अपने दस दिवसीय भारत दौरे के आखिरी चरण में बिशप ने कहा, ‘मैं एक धर्मगुरु हूं, राजनीतिज्ञ नहीं। एक धार्मिक नेता के रूप में, मैं त्रासदी पर शोक मनाता हूं।यहां मैं लोगों के दुख को महसूस करने और ब्रिटिश लोगों की गोलियों से मारे गए लोगों की मौत पर पछतावा व्यक्त करने आता हूं।’

आर्कबिशप ने यहां विजिटर बुक में इस अत्याचार को लेकर एक बार फिर से अपनी भावनाएं नहीं रोक सके। उन्होंने लिखा, ‘यह बहुत ही दुखद है और सौ साल पहले इस तरह के अत्याचारों को देखने वाली इस जगह की यात्रा करने में मुझे शर्म आ रही है। मेरी भावनाएं भड़क रही हैं।’

गौरतलब है कि 13 अप्रैल 1919 को ब्रिटिश इंडियन आर्मी के सैनिकों ने जनरल डायर के आदेश पर मशीनगन से निहत्थे लोगों को गोलियों से भून डाला था। ये लोग स्वतंत्रता सेनानियों सत्य पाल और सैफुद्दीन किचलू की गिरफ्तारी का विरोध करने इकट्ठा हुए थे। इस घटना के 100 साल बीत जाने के बाद भी ब्रिटेन ने इसके लिए औपचारिक तौर पर माफी नहीं मांगी है।




यह पूछे जाने पर कि क्या वह ब्रिटिश सरकार से वह औपचारिक माफी मांगने के लिए कहेंगे? उन्होंने जवाब दिया, ‘मुझे लगता है कि मैं जो महसूस करता हूं, उसके बारे में बहुत स्पष्ट हूं और मैं इसे इंग्लैंड में प्रसारित करूंगा।’





Tuesday, August 27, 2019

Cabinet may relax FDI in retail, okay ordinance to roll back FPI surcharge

The Union Cabinet in its meeting on Wednesday would take up proposals to relax foreign direct investment (FDI) in various sectors, including single-brand retail and digital media, as announced by Finance Minister Nirmala Sitharaman in her maiden Budget last month.



The liberal FDI regime is expected to attract foreign players to invest in the country which is facing a slowdown.

Seeking to make India more attractive FDI destination globally, Sitharaman had said that government would examine suggestions of further opening up of FDI in aviation, media (animation) and insurance sectors in consultation with all stakeholders.

The cabinet chaired by Prime Minister Narendra Modi may also consider approving an ordinance to roll back surcharge on foreign portfolio investors (FPIs). Sources said it had been decided to take ordinance route to scrap the higher surcharge.

In a sort of mini-Budget which included a flurry of measures to boost the economy, Finance Minister had last Friday announced rolling back the enhanced surcharge from long-term and short-term capital gains on FPIs thus returning to pre-Budget status.

The Budget proposal subsequently approved by Parliament raised surcharges on super-rich having annual taxable income more than Rs 2 crore. The surcharge of 25 percent was levied on those having taxable income between Rs 2 crore and 5 crores, and 39 percent on those with taxable income over Rs 5 crore.

While raising the levy, the government included all the individuals and association of persons (AOPs) under the purview of the enhanced surcharge. Since many foreign portfolio investors (FPIs) are structured as an association of persons (AOPs), limited liability partnerships and trusts, the higher surcharge applied to them.

Hit by the additional tax burden, the FPIs started pulling out money from the markets creating a negative sentiment. With massive capital outflow triggered by the levy, the government came under pressure and held a meeting with FPIs and domestic institutional investors to understand their concerns. Following the consultation, it decided to scrap the tax move.

Markets have responded positively to the surcharge roll-back with both BSE Sensex and NSE Nifty 50 indexes surging more than 2% on Monday, the first working day after the much-awaited announcement.

Source: Trusted Online News Portals in India

Wednesday, August 7, 2019

सुषमा स्वराज के निधन से स्तब्ध और दुखी हूं : रघुवर दास

झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास ने आज कहा कि पूर्व विदेश मंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की वरिष्ठ नेता सुषमा स्वराज जी के निधन से वह स्तब्ध और दुखी हैं।
श्री दास ने यहां अपने शोक संदेश में कहा, “सुषमा जी ने अपना पूरा जीवन राष्ट्रसेवा को समर्पित किया। उनकी कमी हमें सदैव महसूस होगी। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करे और उनके परिवार को यह दुःख सहन करने की शक्ति दे।“
उल्लेखनीय है कि पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का दिल्ली के अखिल भरतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) अस्पताल में मंगलवार की रात को निधन हो गया। वह 67 वर्ष की थीं। उनके परिवार में पति स्वराज कौशल और एक पुत्री बांसुरी स्वराज हैं।
वह लंबे अरसे से बीमार चल रही थीं और उनका किडनी ट्रांसप्लांट भी हुआ था। श्रीमती स्वराज को कल रात करीब दस बजे हृदयाघात के बाद एम्स में लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें वेंटिलेटर पर ले कर बचाने का प्रयास किया लेकिन उनके शरीर ने साथ नहीं दिया।

Friday, July 5, 2019

पूर्ण सत् गुरु ज्ञान देकर भव सागर से पार लगा देता है : चम्पा भाटिया

उतिष्ठित, जाग्रत, प्राप्य, वराणिबोधत्। उठो जागो और बोध प्राप्त करो।

इन शब्दों में मानव के लिए संदेश है कि हे मानव! इस आत्मा को जगाकर इसपर विचार करो कि तुम्हें यह मनुष्य जन्म जो मिला है, यह परमात्मा की प्राप्ति करके चैरासी लाख योनियों से मुक्त होने का अवसर है। ग्रंथों के अनुसार बढ़े भाग्य से मनुष्य जन्म मिलता है। इसमें केवल दुनियावी कामों में जीवन बिता दिया तो ये बाजी हारकर चले जाओगे।
जीवन का मूल उद्देश्य प्रभु की जानकारी करके इसका बोध हासिल करके आवागमन के चक्कर से मुक्त होना है। रामचरित मानस में लिखा हैः-
निद्रा, भोजन, भोग, भय से पशु पुरख समान। ज्ञान अधिक इक नरन् में ज्ञान बिना पशु जान।।
भाव, पशु और इंसान अपने आराम करने की सुरक्षित स्थान की व्यवस्था सूझ-बूझ से करते हैं। भोजन भी अपनी रूचि के अनुसार जानवर एवं इंसान सोच समझ कर करते हैं। हाथी जैसे मन भर खाता है पर केवल शाकाहार ही खाता है परन्तु शेर के आगे अच्छे से अच्छा पकवान अगर शकाहार है तो वह नहीं खाएगा। खाना चाहे पशु है या मानव बुद्धि से सोच समझ कर ही खाता है। कहीं कोई फर्क नहीं।
परिवार से भी मनुष्यों एवं पशुओं के वंश बढ़ते जाते हैं। आत्म रक्षा के प्रति जैसे मनुष्य सजग है, वैसे ही छोटे से छोटा जानवर भी अपने आपको बचाता है, उसे भी भय लगता है। ज्ञान (प्रभु परमात्मा की जानकारी) मनुष्य को पशुओं से अलग करता है, अन्यथा मनुष्य भी ज्ञान के बिना पशु के समान जीवन जी कर चला जाता है। श्री कृष्ण जी ने कहा हैः-
बहुनाम् जन्मनाम् अन्ते ज्ञानवान माम् प्रपद्यते। वासुदेवः सर्वम् इति स महात्मा सुदुर्लभः।। 9-11

बहुत से जन्मों के बाद ज्ञानवान मेरी शरण में आता है। वह महात्मा दुर्लभ होता है। उस ज्ञानवान के लिए वासुदेव (जो सब देवताओं में वास करता है और जिसमें सभी देवता वास करते हैं) ही सबकुछ हैं, भाव वह एक प्रभु को ही सबकुछ समझता है, उनके तुल्य किसी और की पूजा उपासना को महत्व नहीं देता। प्रभु परमात्मा का ज्ञान प्राप्त करने की विधि गीता के चैथे अध्याय के 34वें श्लोक में बताईः-

तत् विद्धि प्रणिपातेण् परिप्रश्नेन सेवया। उपदेक्ष्यन्ति ते ज्ञानम् ज्ञानिनः तत्व दर्शिनः।।

परमात्मा का ज्ञान प्राप्त करने के लिए ज्ञानियों, तत्वदर्शियों (जिन्होंने परमात्मा के निराकार रूप के दर्शन किए हैं) के पास जाकर चरणों में नमस्कार करके, सेवा करके, विनय पूर्वक प्रश्न करो, वे ज्ञानीजन तुझे ज्ञान का उपदेश देंगे। अर्जुन ने भी प्रभु के निराकार रूप को देखने के लिए विनती की कि अगर आप मुझे निराकार रूप के दर्शन के योग्य समझते हैं तो कृपा करके मुझे अपने अविनाशी रूप के दर्शन दें।

मीरा जी को भी इसी युग में प्रभु के अविनाशी रूप के दर्शन मुझ रविदास के द्वारा हुए। हर युग में यह जानकारी सत्गुरु की शरण में आकर हुई है और किन्हीं भी साधनों से प्रभु को प्राप्त नहीं किया जा सकता। गुरु गीता के अनुसारः-

न जपः न तपः न पुण्य न तीर्थम् न यज्ञ न दानम् एव च  गुरुः तत्वम् अविज्ञाय सर्व व्यर्थम् भवेत प्रिये।
गुरु से तत्व रूप को जाने बिना जप तप यज्ञ दान पुण्य तीर्थ आदि सब व्यर्थ है। गीता में श्रीकृष्ण जी ने कहाः-
न अहम् वेदैः न तपसा न दानेन न च इज्जया।
शक्य एवम्-विद्यः द्रष्टुम दृष्टवान असि माम् यथा।। 11-53
मेरा यह निराकार रूप जिसने देखा है, उसी के द्वारा देखा जाना संभव है। न वेदों के पठन से, न दान से, न तप से और न यज्ञ आदि के द्वारा इसे जाना जा सकता है। केवल सत्गुरु ही प्रभु के अविनाशी रूप को प्रकट करके दिखा देता है। अवतार बाणी में विदित हैः-
न जप अंदर न तप अंदर न मिलया न मिलना ए।
बिन माझी सागर विच बेड़ा न ठिलया न ठिलना ए।।
ए मिलदा ए मिल सकदा ए मुर्शद दे इक इशारे नाल, कहे अवतार पूरा गुरु छिन विच कर देंदा ए मायाजाल
सत्गुरु ही ज्ञान उजाला (रोशनी) देकर माया और मायापति प्रभु परमात्मा को भिन्न करके बता सकता है। इंसान भौतिक पदार्थों की तरफ तो प्रयासरत रहता है, परन्तु प्रभु की प्राप्ति की तरफ सोया हुआ है। श्री कृष्ण जी ने गीता के एक श्लोक में इसके बारे में कहाः-

या निशा सर्वभूतानाम् तस्याम् जागर्ति संयमी।
यस्याम् जाग्रति भूतानि सा निशा पश्यतो मुनेः।। 2-69
ए मिलदा ए मिल सकदा ए मुर्शद दे इक इशारे नाल, कहे अवतार पूरा गुरु छिन विच कर देंदा ए मायाजाल
सत्गुरु ही ज्ञान उजाला (रोशनी) देकर माया और मायापति प्रभु परमात्मा को भिन्न करके बता सकता है। इंसान भौतिक पदार्थों की तरफ तो प्रयासरत रहता है, परन्तु प्रभु की प्राप्ति की तरफ सोया हुआ है। श्री कृष्ण जी ने गीता के एक श्लोक में इसके बारे में कहाः-

या निशा सर्वभूतानाम् तस्याम् जागर्ति संयमी।
यस्याम् जाग्रति भूतानि सा निशा पश्यतो मुनेः।। 2-69
भु परमात्मा को पाने की कामना करने वाला मनुष्य भौतिक वस्तुओं के प्रति उदासीन भाव रखता है। उसके हृदय में ईश्वर को पाने की तड़प होती है, वह उसी के प्रति जागरूक है, जागा हुआ है, यत्नशील है। ईश्वर को पाकर ही मनुष्य मानव योनि में चैरासी लाख योनियों के आवागमन के चक्कर से मुक्त हो सकता है। अवतार बाणी में भी इंसान को जगाने का प्रयास किया हैः-

मानुष जन्म आखरी पौड़ी तिलक गय ते वारी गई।
कहे अवतार चैरासी वाली घोल घमाई सारी गई।।
जिसके हृदय में प्रभु के दर्शन की प्यास है उसपर श्री गुरु नानक देव जी बलिहार जाते हैं।
जिस जन को प्रभ दरस प्यासा।
नानक ताके बल बल जासा।।
परमात्मा की प्राप्ति के उपाय धार्मिक ग्रंथों में बताए हैं।
पूरे गुर का सुन उपदेश पारब्रह्म निकट कर पेख।
पूर्ण सत्गुरु इसका ज्ञान देकर इस भव सागर से पार लगा देता है।