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Wednesday, April 29, 2020

झारखंड में संत अन्ना धर्मसंघ की पुत्रियां निरन्तर कर रही है मानव सेवा

संत अन्ना धर्मसंघ की पुत्रियों के तत्वधान में झारखण्ड के सुदूर ग्रामीण और कुछ शहरी क्षेत्रों में जरूरतमंद और निःसहाय परिवारों के बीच अपने अनुयायियों एवं समर्थकों के साथ खाद्य पदार्थ एवं सुरक्षा सामग्री का निरन्तर लाॅकडाउन के बाद से ही वितरण हो रहा है।




झारखंड राज्य में जो अपनी सेवाएं लंगर एवं राशन बांटने में संत अन्ना धर्मसंघ निःस्वार्थ भाव से राज्य में प्रभावित हजारों परिवारों के बीच कर रहा है, यह सेवा झारखंड में चलाये जा रहे सरकारी विभागों द्वारा और अन्य समाजिक संस्थाओं द्वारा की कड़ी में एक महत्वपूर्ण योगदान है। इसकी चर्चा झारखंड के जनमानस में बहुत सम्मानित ढंग से हो रही है।


       "संत अन्ना धर्मसंघ की पुत्रियां झारखण्ड राज्य के अलावे मध्यप्रदेश, बंगाल, असम जहां कुछ क्षेत्रों में     उनकी शाखाएं हैं, वहां भी उनके अनुयायी निःस्वार्थ भाव से मानव सेवा में तन-मन-धन से समर्पित हैं।"


लाभुकों जिनकी आर्थिक दृष्टि दयनीय है, ससम्मान एवं प्यार से उन्हें कच्चा राशन घर-घर पहुंचाकर दिया जा रहा है।

कुछ तस्वीरों में संत अन्ना धर्मसंघ द्वारा की जा रही सेवाएं झलकती हैं। इन सेवाओं में महामान्वर फेलिक्स टोप्पो, एस0जे0, महाधर्माध्यक्ष, राॅंची, अति मान्यवर थेओदोर मस्करेन्हस, एस0 एफ0 एक्स., सहायक धर्माध्यक्ष, राॅंची, डाॅ0 स्टीफन हांसदा, मेडिकल सुपीरिटेन्डेन्ट, फा0 मक्सीमुस टोप्पो, पल्ली पुरोहित, सम्मानीया सि0 लिण्डा मेरी वाॅन, सुपीरियर जेनेरल, डी0 एस0 ए0 व महासलाहकारिणियाँ क्रमशः सि0 लिली ग्रेस टोपनो, सि0 निर्मला ज्योति कच्छप, व सि0 मेरी पुष्पा तिर्की, सि0 सोशन बाड़ा, सि0 जसीन्ता, अपने सहयोगियों के साथ तन-मन से निरन्तर कार्यरत हैं और मानव एकता की मशाल जला रहे हैं।


इस संकट की घड़ी में संत सन्ना धर्मसंघ की पुत्रियों ने शहरी एवं सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में उन स्थानों का चयन किया है, जहां बहुत हीं असहाय एवं जरूरतमंद परिवार रहते हैं और जिन्हें राशन और भोजन की नितांत आवश्यकता है, जैसे दिस्किली, बलीकत, बारटोली, कडरूटोली, कच्चाबाड़ी, माण्डर के सुदूर गांव, सिदरौल, बूढ़मू, लोहरा कोचा, बिरसा चैक, लोवाडीह इत्यादि अनेक छोटे-बड़े कस्बे और गांव शामिल हैं।


सेवारत पुत्रियों ने साथ ही साथ राहत सामग्री बांटते हुए सभी लोगों को कोरोना वायरस से संबंधित सावधानी व बचाव की कई जानकारियाॅं दी और भोजन वितरण स्थल पर आनेवाले लोगों को मास्क लगाकर आने के लिए हिदायत दी तथा सावधानी के अन्तर्गत उन्होंने बताया कि आपसब एक-दूसरे से पर्याप्त दूरी बनाकर रहिए, इसमें कोरोना वायरस से मुक्ति होगी।


"संत अन्ना धर्मसंघ की पुत्रियों का कहना है कि इस संसार में रहने वाले बहन-भाई सब अपने हैं और उनकी सेवा करना हमारा कर्तव्य है।"