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Saturday, January 11, 2020

विरोध-प्रदर्शनों के बीच देश में नागरिकता संशोधन कानून लागू, केंद्र सरकार ने गजट नोटिफिकेशन जारी किया

नई दिल्ली। विरोध प्रदर्शनों और समर्थन के बीच देशभर में शुक्रवार से नागरिकता संशोधन कानून (CAA) लागू हो गया है। केंद्र सरकार ने शुक्रवार को संशोधित नागरिकता कानून की अधिसूचना जारी कर दी। इसके साथ ही यह कानून पूरे देश में प्रभावी हो गया। गजट नोटिफिकेशन के मुताबिक केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस कानून को लागू करने की तारीख 10 जनवरी, 2020 की तारीख तय की है।


नागरिकता संशोधन कानून क्या है?

नागरिकता कानून 1955 में आया था। इसके तहत किसी भी व्यक्ति को भारतीय नागरिकता लेने के लिए कम से कम 11 साल भारत में रहना अनिवार्य है। भारत में अवैध तरीके से दाखिल होने वाले लोगों को नागरिकता नहीं मिल सकती है। उन्हें वापस उनके देश भेजने या हिरासत में रखने के प्रावधान हैं। संशोधित विधेयक में पड़ोसी देशों अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान के अल्पसंख्यक शरणार्थियों (हिंदू, सिख, जैन, बौद्ध, पारसी और ईसाई) को नागरिकता मिलने का समय घटाकर 11 साल से 6 साल किया गया है। मुस्लिमों और अन्य देशों के नागरिकों के लिए यह अवधि 11 साल ही रहेगी।

भी व्यक्ति को भारतीय नागरिकता लेने के लिए कम से कम 11 साल भारत में रहना अनिवार्य है। भारत में अवैध तरीके से दाखिल होने वाले लोगों को नागरिकता नहीं मिल सकती है। उन्हें वापस उनके देश भेजने या हिरासत में रखने के प्रावधान हैं। संशोधित विधेयक में पड़ोसी देशों अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान के अल्पसंख्यक शरणार्थियों (हिंदू, सिख, जैन, बौद्ध, पारसी और ईसाई) को नागरिकता मिलने का समय घटाकर 11 साल से 6 साल किया गया है। मुस्लिमों और अन्य देशों के नागरिकों के लिए यह अवधि 11 साल ही रहेगी।

नागरिकता संशोधन विधेयक 10 दिसंबर को लोकसभा और उसके एक दिन बाद राज्यसभा में पारित हुआ था। राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के बाद 12 दिसंबर को यह कानून बन गया। इसके तहत पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश में प्रताड़ना का शिकार हो रहे हिंदू, ईसाई, सिख, बौद्ध, पारसी और यहूदी अल्पसंख्यकों को भारत की नागरिकता देने का प्रावधान है। गौरतलब है कि इस कानून को लेकर देश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। वहीं, इसके समर्थन में भी बड़ी संख्या में लोग आगे आए हैं।

बता दें कि नागरिकता कानून पर कई दिनों से देशभर में संग्राम छिड़ा हुआ है। इसी शुरुआत असम से हुई थी। राज्यसभा में बिल पास होते ही विरोध प्रदर्शनों का सिलसिला शुरू हो गया था। इसके विरोध में हिंसा की आग कई शहरों तक पहुंची।

उत्तर प्रदेश, दिल्ली, कर्नाटक में हिंसक प्रदर्शन हुए। यूपी में करीब 19 लोगों की मौत हुई जबकि कर्नाटक में तीन लोगों की जान गई। दिल्ली में भी भारी विरोध प्रदर्शन हुआ था। विरोध प्रदर्शनों का सिलसिला आज भी जारी है, हालांकि अब ये शांतिपूर्ण तरीके से हो रहा है।

बाद में इसके समर्थन में भी लोग खुलकर सामने आने लगे। कई शहरों में इसके समर्थन में रैली निकाली गई। गृह मंत्री अमित शाह ने भी कहा कि सीएए को हर हाल में लागू कराया जाएगा और पीछे हटने का सवाल ही पैदा नहीं होता।

Source: Trusted Online News Portals in India


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Wednesday, January 8, 2020

Thousands protest in Delhi showing support for ‘Bharat Bandh’

Thousands of members from at least ten trade unions on Wednesday protested here against the Centre and extended their support to the all-India shutdown by trade unions.



Gathered at the Shaheed Park, the members walked towards the ITO intersection and blocked a section of Bahadur Shah Zafar Marg.

Holding red trade union flags and braving the winter drizzle, the protesters shouted slogans “Stop attacking students”, “Stop attacking universities”, “India belongs to us”, “Stop dividing us”, and “NRC, CAA, NPR will not be allowed”.

They extended support to the anti-Citizenship (Amendment) Act (CAA) and anti-National Register of Citizens (NRC) protests as also to protesting students, saying these issues are affecting all Indians, including labor.

The demonstration was called to support the all-India general strike called by the trade unions.

The said they are on streets across the country because they are unhappy with the “Modi-Shah government as they have destroyed the country”.